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Showing posts from May, 2020

खर्चीली शादियां

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 फिल्मों के कारण ही हमारे समाज में, अश्लीलता, चोरी,डकैती, बलात्कार जैसे अपराध हो रहे हैं। फिल्मों में देखकर ही लोग शादियों में अंधाधुंध खर्चा करते हैं और नये-नये रीति रिवाज बनाते हैं। जिससे आम जनता को परेशानी उठानी पड़ती है।अब सोचना यह है कि समाज का सुधार कैसे होगा।  अगर समाज का सुधार करना है तो हमे ऐसा अपनाना होगा।जिससे हम बुराई करना तो दूर करने की सोचते भी नही..। हमे शास्त्र अनुसार भक्ति करनी चाहिए जिससे हमारा घर, और समाज दोनो सुखी रहे। क्योंकि भगवान की भक्ति के बिना मनुष्य जन्म व्यर्थ है। फिल्मो ने समाज का नाश क्या है। आज युवाओं पीढी फिल्मो को देखकर उनके जैसे ही दिखावा करते है। फिल्मों की शादियों को देखकर आम इंसान भी इतनी  खर्चीली शादिया करने लग गये है।यह सोचकर मेरी बेटी क्या सोचेगी..। लेकिन तत्वदर्शी संत की शरण मे जाने और सत्संग से खर्चीली शादिया बंद। जी हा क्योंकि संत रामपाल जी बना रहे दहेजमुक्त भारत। सिर्फ 17मिनट मे शादी होती है बिना दहेज की , जिससे बेटी सुखी हम सुखी पूरा परिवार सुखी ..। पर इंसान सोचता है भक्ति तो बुढापे मे करेगे। अभी तो मौज मस्ती के दिन है...

नशा

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गुटखा खैनी पान का, ऐसी चली रिवाज। खाते अंधाधुंध सब, दूषित हुआ समाज॥ फँसे नशे के जाल में, बच्चे और बुजुर्ग। झुग्गी जैसा तन बना, जो था पहले दुर्ग॥ मन से कुंठित हो गया, लगा नशे का रोग। हेय दृष्टि से देखते, उसको सारे लोग॥ नशा शान से जो करे, उसका होता नाश। ऐसे लोगों को सभी, कहते हैं अय्याश॥ जो जन करता है नशा, हो जाता बरबाद। निज कर्मों को छोड़कर, कैसे हो आबाद॥ मधु के मद में डूब कर, हुआ नशे में चूर। छूट गए रिश्ते सभी, हुआ सभी से दूर॥ माप प्रतिष्ठा का बना, जर्दा गुटखा पान। युवावर्ग गुमराह है, तनिक न उसको भान॥ नशेबाज कहते सभी, आती तनिक न लाज। बीवी-बच्चे हो रहे, रोटी को मोहताज॥ शराब एक ऐसी खतरनाक बुराई है जो बसे बसाए खुशहाल परिवार को भी उजाड़ देती है, तथा धन व बल दोनों का नाश करती है। 👉Must watch sadhna t.v 7:30pm सतभक्ति से शराब छूट सकती है। आज संत रामपाल जी से उपदेश लेकर बहुत लोग शराब छोड़ चुके हैं और उनके परिवार में खुशहाली आई है। Read book Gyan Ganga 📖 Jine ki raah📖 👇👇👇👇👇

असली शिक्षा

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असली_शिक्षा सोच_में_अंतर अमीर_गरीब ----------- एक बड़ी सी गाड़ी आकर बाजार में रूकी, कार में ही मोबाईल से बातें करते हुयें, महिला ने अपनी बच्ची से कहा,  जा उस बुढिया से पूछ सब्जी कैंसे दी, बच्ची कार से उतरतें ही, अरें बुढिया यें सब्जी कैंसे दी? 40 रूपयें किलों, बेबी जी..... सब्जी लेते ही, उस बच्ची ने सौ रूपयें का नोट उस सब्जी वाली को फेंक कर दिया, और आकर कार पर बैठ गयी, कार जाने लगी तभी अचानक किसी ने कार के सीसे पर दस्तक दी, एक छोटी सी बच्ची जो हाथ में 60 रूपयें कार में बैठी उस औरत को देते हुये,  बोलती हैं आंटी जी यें आपके सब्जी के बचें 60 रूपयें हैं, आपकी बेटी_भूल आयी हैं, कार में बैठी औरत ने कहा तुम रख लों, उस बच्ची बड़ी ही मिठी और सभ्यता से कहा, नही आंटी जी हमारें जितने पैंसे बनते थें हमने ले लियें हमें, हम इसे नही रख सकतें, मैं आपकी आभारी हूं, आप हमारी दुकान पर आए, आशा करती हूं, की सब्जी आपको अच्छी लगें, जिससे आप हमारें ही दुकान पर हमेशा आए, उस लड़की ने हाथ जोड़े और अपनी दुकान लौट गयी....... कार में बैठी महिला उस लड़की से बहुत प्रभावित ह...

जाति व धर्म भेदभाव

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भारत में कई जातियों और धर्मों से संबंधित लोग शामिल हैं। हमारे देश में  जाति प्रथा  प्राचीन काल से ही प्रचलित है। यह हमारे देश में कई समस्याओं का कारण रहा है। इसे एक सामाजिक बुराई माना जाता है। कई उल्लेखनीय भारतीय नेताओं ने इस प्रणाली का विरोध किया है। हालांकि, जाति व्यवस्था और इससे जुड़ी समस्याएं हमारे समाज को परेशान करती हैं। भारत में जातिवाद  जातिवाद एक ऐसी प्रणाली है जो प्राचीन काल में अपनी जड़ें पाती है। यह वर्षों से अंधाधुंध चल रहा है और उच्च जातियों के लोगों के हितों को आगे बढ़ा रहा है। निम्न जाति के लोगों का शोषण किया जा रहा है और उनकी चिंताओं को सुनने वाला कोई नहीं है। भारतीय समाज को मोटे तौर पर चार जातियों के लोगों में वर्गीकृत किया गया है – ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र। ब्राह्मण उच्च वर्ग के हैं। प्राचीन काल में, ये लोग पुरोहिती गतिविधियों में शामिल थे और लोग इनके लिए बहुत सम्मान रखते थे। क्षत्रिय शासक और योद्धा थे। उन्हें बहादुर और शक्तिशाली माना जाता था और केवल ब्राह्मणों के बगल में देखा जाता था। वैश्य आगे आए। ये लोग खेती, व्यापार और व्यवसाय ...

नशा करता है जीवन का नाश

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नशा एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान की अनमोल जिंदगी समय से पहले ही मौत की शिकार हो जाती है। आज आदमी थोड़े से मजे के लिए नशे के अलग-अलग साधनों का इस्तेमाल कर रहा है। जिससे इंसान अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहा है। नशे की दुनिया में हेरोइन को ड्रग्स की रानी कहा जाता है। इसे लेने से आदमी एक बार तो बहुत खुश होता है, लेकिन इसके नुकसान बहुत ज्यादा होता है। ये आपके सेक्स की क्षमता पर असर डालता है। साथ ही महिलाओं में इससे बांझपन होने के खतरे बढ़ जाते हैं। ये इतना खतरनाक होता है कि अगर जबरदस्ती इसकी लत छुड़वाने की कोशिश की जाए तो इंसान की मौत भी हो सकती है।" imagevalue="https://images.hindi.news18.com/ibnkhabar/uploads/2015/06/Heroin.gif"> आज नशा इतना लोकप्रिय है कि दुनिया में हर तीसरे इंसान को शराब की लत है। यह मादक पदार्थ अन्य नशीले पदार्थो की तुलना में सबसे ज्याेदा घातक है। ये धीरे-धीरे आपकी किडनी और लीवर को सीधा नुकसान पहुंचाती है। तम्बाकू ऐसा नशा है जो कि गांजे से भी ज्यादा खतरनाक है। इसकी लत छुड़ाने पर भी नहीं छूटती है। ये सीधे आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। ये जानलेवा नशा ह...