खर्चीली शादियां
फिल्मों के कारण ही हमारे समाज में, अश्लीलता, चोरी,डकैती, बलात्कार जैसे अपराध हो रहे हैं। फिल्मों में देखकर ही लोग शादियों में अंधाधुंध खर्चा करते हैं और नये-नये रीति रिवाज बनाते हैं। जिससे आम जनता को परेशानी उठानी पड़ती है।अब सोचना यह है कि समाज का सुधार कैसे होगा। अगर समाज का सुधार करना है तो हमे ऐसा अपनाना होगा।जिससे हम बुराई करना तो दूर करने की सोचते भी नही..। हमे शास्त्र अनुसार भक्ति करनी चाहिए जिससे हमारा घर, और समाज दोनो सुखी रहे। क्योंकि भगवान की भक्ति के बिना मनुष्य जन्म व्यर्थ है। फिल्मो ने समाज का नाश क्या है। आज युवाओं पीढी फिल्मो को देखकर उनके जैसे ही दिखावा करते है। फिल्मों की शादियों को देखकर आम इंसान भी इतनी खर्चीली शादिया करने लग गये है।यह सोचकर मेरी बेटी क्या सोचेगी..। लेकिन तत्वदर्शी संत की शरण मे जाने और सत्संग से खर्चीली शादिया बंद। जी हा क्योंकि संत रामपाल जी बना रहे दहेजमुक्त भारत। सिर्फ 17मिनट मे शादी होती है बिना दहेज की , जिससे बेटी सुखी हम सुखी पूरा परिवार सुखी ..। पर इंसान सोचता है भक्ति तो बुढापे मे करेगे। अभी तो मौज मस्ती के दिन है...